

रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। सर्वपितृ अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने मान नदी के तट पर दीपक लगाकर अपने पूर्वजों को नमन किया। मान्यता है कि शाम को प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में, नदी, तालाब या जलाशय के किनारे लंबी बत्ती का घी का दीपक जिसकी बत्ती का मुख दक्षिण दिशा की ओर करके लगाने का विधान है। साथ ही दीपदान कर अपने परिवार कुटुंब के पितृदेव का स्मरण कर नमन किया जाता है। पितरों से क्षमा याचना कर और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है। ऐसा करने से पितृदेव प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं। इस अवसर पर खीर, सब्जी, पूरी, मिठाई, चावल और दक्षिणा जैसी सामग्री भी रखकर पितरों को अर्पित की जाती है। यह पितरों को एक वर्ष के लिए विदा करने की विधि है, माना जाता है कि इससे पितृदेव प्रसन्न होकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करते हैं। इस दिन 16 दिवसीय संजा माता पर्व का भी समापन किया गया। युवतीया एवं महिलाओं ने संजा माता का विसर्जन किया। समीप ग्राम सेमल्दा स्थित मां नर्मदा में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुपकी लगाई। प्रातःकाल से घाट पर भक्तों का आना जाना शुरू हो गया। स्नान ध्यान पूजा अर्चना कर दान पुण्य किया तथा पितरों के निमित्त श्राद्ध तर्पण भी किया गया।